Default Image
2, Oct 2025
Himachal Pradesh Welcomes Tourists for Fresh Snowfall Season 2025

Himachal Pradesh, the crown jewel of the Himalayas, is once again ready to welcome tourists as the fresh snowfall season begins. With the arrival of October and November, the higher regions of Himachal such as Shimla, Manali, Kufri, Narkanda, Kinnaur, and Lahaul-Spiti start witnessing the magical transformation into a winter…

Default Image
2, Oct 2025
🌕 शरद पूर्णिमा 2025: महत्व, व्रत कथा और खास बातें /अश्विन पूर्णिमा भी कहा जाता हैं /कोजागिरी पूर्णिमा भी कहा जाता हैं!

शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और विशेष पर्व है। यह दिन आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। शास्त्रों में मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन की गोपियों के साथ महानंदमयी महारास…

Default Image
1, Oct 2025
रावण: ब्राह्मण-राक्षस का जीवन, शिव भक्ति और सीता हरण की कथा / किसके लिए हुआ सीता अपरहण/ कौन है रावण का सौतेला भाई / चलिए जानते है??

रावण, रामायण का सबसे प्रसिद्ध राक्षस राजा, एक जटिल और बहुआयामी व्यक्तित्व था। वह शक्ति, विद्या और भक्ति का अद्भुत संगम था। रावण का जन्म और वंश रावण का जन्म विश्रवा ऋषि और कैकेसी के घर हुआ था। इस प्रकार वह ब्राह्मण वंश और राक्षस वंश दोनों से संबंधित था,…

Default Image
1, Oct 2025
लंका दहन: कौन है जिसने, कैसे और क्यों लगाई रावण की लंका में आग चलिए जानते है ???

रामायण की कथा में लंका दहन (Lanka Dahan) का प्रसंग सबसे रोमांचक और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह प्रसंग न केवल भगवान राम की लीला को आगे बढ़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि असत्य और अहंकार का अंत निश्चित है। लंका में आग किसने लगाई? लंका में आग…

Default Image
1, Oct 2025
रावण: लंका का दशानन, शिव भक्त , पराक्रमी लंकापति राजा और अहंकार का प्रतीक / क्यों थे रावण के दस सर / आखिर क्यों ओर किस्से मिला था रावण को श्राप

रावण, रामायण का सबसे चर्चित पात्र, केवल खलनायक ही नहीं बल्कि महान विद्वान, पराक्रमी राजा और भगवान शिव का अनन्य भक्त भी था। उसके जीवन से हमें ज्ञान, शक्ति और भक्ति की महत्ता तो मिलती है, लेकिन साथ ही यह शिक्षा भी मिलती है कि अहंकार और अधर्म का अंत…

Default Image
1, Oct 2025
विजयादशमी (दशहरा): बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व

दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, भारत का एक प्रमुख पर्व है जो हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दशहरे का महत्व दशहरा भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने…

Default Image
30, Sep 2025
शिकारी मात मंदिर मंडी: जहां नहीं माता को स्वीकार मंदिर के ऊपर छत और न ही टिकती है मंदिर पर बर्फ सबकी मुराद करती हैं पूरी वो है हिमाचल की प्रसिद्ध मां शिकारी

हिमाचल प्रदेश की सुंदर वादियों में स्थित शिकारदेवी मंदिर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर मंडी जिले के जनझेली घाटी में लगभग 2850 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ ट्रैकिंग और पर्यटन के लिए…

Default Image
29, Sep 2025
चामुंडा देवी मंदिर – शक्ति की अद्भुत नगरी

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसा चामुंडा देवी मंदिर भक्तों के लिए आस्था और शक्ति का अद्भुत केंद्र है। यह मंदिर कांगड़ा जिले में बाणगंगा नदी के किनारे स्थित है और मां दुर्गा के शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां मां चामुंडा अपने भक्तों के कष्ट दूर…

Default Image
29, Sep 2025
ब्रजेश्वरी देवी मंदिर – कांगड़ा की अद्भुत शक्ति पीठ

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर (Brajeshwari Devi Temple) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है और यह हिंदुओं के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर माता पार्वती के स्तन गिरने के स्थान पर बना हुआ है, इसलिए इसे शक्तिपीठ का दर्जा प्राप्त है। यहाँ माँ ब्रजेश्वरी को शक्ति और…

Default Image
29, Sep 2025
मां चिंतपूर्णी मंदिर : जहां सब चिंताओं को हर लेती हैं माता रानी / सारी परेशानियों से छुटकारा दिलाती है मां चिंतपूर्णी

भारत में शक्ति के प्रमुख पीठों में से एक है माँ चिंतपूर्णी मंदिर, जो हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले में स्थित है। यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का अद्भुत केंद्र है। मान्यता है कि यहाँ आने वाले श्रद्धालु अपनी सभी चिंताओं से मुक्त होकर सुख और शांति…