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23, Sep 2025
नवरात्रि का तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा की पूजा, महत्व और कथा

नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित होता है। माँ दुर्गा का यह तीसरा स्वरूप शक्ति, साहस और शांति का प्रतीक माना जाता है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है, जिसके कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से भक्त के जीवन में साहस,…

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22, Sep 2025
माता ब्रह्मचारिणी: तप और त्याग की प्रतिमूर्ति

मां ब्रह्मचारिणी देवी को शक्ति स्वरूपा का दूसरा रूप माना जाता है। यह माता हमें तप, त्याग, और ज्ञान की सीख देती हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में संयम, धैर्य और आध्यात्मिक शक्ति आती है। माता ब्रह्मचारिणी का इतिहास मां ब्रह्मचारिणी को देवी पार्वती का रूप माना जाता है। उन्होंने…

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22, Sep 2025
माँ नैना देवी मंदिर – आस्था और श्रद्धा का पवित्र शक्तिपीठ जहां गिरे थे माता सती के नयन

माँ नैना देवी मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले में स्थित यह मंदिर न केवल भक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक अद्भुत धार्मिक व पर्यटन स्थल है। हर साल लाखों श्रद्धालु माँ के दर्शन करने यहाँ…

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22, Sep 2025
तारा देवी मंदिर शिमला – माँ तारा का पावन धाम

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं धरोहरों में से एक है तारा देवी मंदिर, जो समुद्र तल से लगभग 1851 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह मंदिर माता तारा देवी को समर्पित है और शिमला आने वाले श्रद्धालुओं और…

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21, Sep 2025
माता शैलपुत्री: आइए जानते हैं कौन है मां शैलपुत्री? क्यों नवरात्रों का पहला दिन इन्हीं को समर्पित है? क्या फायदा है इनकी आराधना करने का ? क्या है इनकी पूजा विधि? कैसे करे मां को प्रसन्न??

नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। शैलपुत्री को दुर्गा माँ का प्रथम स्वरूप माना जाता है। इनका नाम “शैलपुत्री” इसलिए पड़ा क्योंकि ये पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। ‘शैल’ का अर्थ होता है पर्वत और ‘पुत्री’ का अर्थ है बेटी। माता शैलपुत्री की उत्पत्ति कथा…

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21, Sep 2025
नवरात्रि का पहला दिन: नौ दिनों के उत्सव की शुरुआत

नवरात्रि भारत का एक सबसे जीवंत और शुभ त्योहार है, जो दुर्गा माता की शक्ति और देवी के विभिन्न रूपों का उत्सव मनाता है। यह त्योहार नौ रातों और दस दिनों तक चलता है, और हर दिन देवी के अलग रूप को समर्पित होता है। नवरात्रि का पहला दिन विशेष…

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21, Sep 2025
Chail: The Untamed Beauty of Himachal

Chail is a peaceful hill station and a popular tourist destination in Himachal Pradesh, India, known for its salubrious weather, beautiful cedar forests, and historic Chail Palace. It is home to the world’s highest cricket ground, commissioned by the Maharaja of Patiala, and offers other attractions like the Kali ka…

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21, Sep 2025
Narkanda – The Serene Hidden Hill Station of Himachal Pradesh

Narkanda, located in the Shimla district of Himachal Pradesh, is a picturesque hill station known for its breathtaking landscapes, lush green forests, and cool mountain air. Whether you are seeking peace, nature, or adventure, Narkanda is the perfect destination for travelers. Highlights of Narkanda Situated at an altitude of approximately…

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21, Sep 2025
माता श्राइकोटी मंदिर: जहां पति पत्नी नहीं कर सकते साथ में दर्शन / मिलती हैं सजा / ऐसा कौन सा श्राप है जिसके कारण नहीं कर सकते साथ में पूजा अर्चना/ आइए जानते हैं !!!

देशभर में मां दुर्गा की अलग-अलग अवतारों में पूजा की जाती है। मां दुर्गा के कई मंदिर हैं, जहां कई हजारों में भक्त अपनी इच्छाओं को लेकर आते हैं। दुर्गा माता का एक ऐसा ही मंदिर हिमाचल प्रदेश में मौजूद है, जहां दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़…

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21, Sep 2025
KHARSHALI Lake And Temple : the origin of Maa Hateshwari

The history of Kharshali Temple is rooted in the belief that it is the original site of Maa Hatkoti (or Maa Hateshwari), with a local legend attributing its construction to the Pandavas during their exile. Located near Rohru in Himachal Pradesh, the temple is dedicated to Maa Hateshwari and houses…