https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-8582592288604501

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर – कांगड़ा की अद्भुत शक्ति पीठ

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर (Brajeshwari Devi Temple) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है और यह हिंदुओं के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर माता पार्वती के स्तन गिरने के स्थान पर बना हुआ है, इसलिए इसे शक्तिपीठ का दर्जा प्राप्त है। यहाँ माँ ब्रजेश्वरी को शक्ति और आस्था की देवी के रूप में पूजा जाता है।

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर का इतिहास

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब माता सती ने अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में आत्मदाह कर लिया था, तब भगवान शिव ने माता के शव को उठाकर तांडव किया। उस समय भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता के शरीर के अंगों को विभाजित किया। माता का स्तन इस स्थान पर गिरा और तभी से यह स्थान शक्ति पीठ कहलाया।

महाभारत काल में पांडवों ने भी इस मंदिर का निर्माण करवाया था। बाद में कई बार आक्रमणों और भूकंप के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन हर बार इसे भक्तों ने पुनः भव्य रूप में बनाया।

मंदिर की वास्तुकला

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के मुख्य द्वार पर सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है। मंदिर के गर्भगृह में माँ ब्रजेश्वरी की मूर्ति स्थापित है, जहाँ दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

धार्मिक महत्व

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में हर वर्ष नवरात्रों पर विशेष उत्सव आयोजित होता है। इन दिनों यहाँ लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर में विशेष रूप से घी की परत चढ़ाने की परंपरा भी है, जो माता को अर्पित की जाती है।

कैसे पहुँचें

स्थान: कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

नजदीकी रेलवे स्टेशन: पठानकोट रेलवे स्टेशन (लगभग 86 किमी)

नजदीकी हवाई अड्डा: गग्गल एयरपोर्ट (लगभग 14 किमी)

सड़क मार्ग: कांगड़ा शहर से यह मंदिर आसानी से पहुँचा जा सकता है।

निष्कर्ष

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि यह आस्था, संस्कृति और इतिहास का प्रतीक भी है। जो भी श्रद्धालु कांगड़ा आते हैं, वे माँ ब्रजेश्वरी के दर्शन किए बिना अपनी यात्रा अधूरी मानते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *