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25, Sep 2025
माँ स्कन्दमाता – पंचम स्वरूप की आराधना

नवरात्रि के पाँचवे दिन माँ स्कन्दमाता की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों को शांति, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। “स्कन्द” शब्द का अर्थ है भगवान कार्तिकेय और “माता” का अर्थ है उनकी जननी। अतः इन्हें भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता…

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24, Sep 2025
माँ ज्वाला जी मंदिर – शक्तिपीठ का अद्भुत चमत्कार जहां स्वयं जोत जलती है बिना किसी तेल घी के साक्षात जमीन से प्रकट होती हैं देवी ज्वाला

भारत को “देवभूमि” कहा जाता है क्योंकि यहाँ अनगिनत देवालय और पवित्र धाम स्थित हैं। इन्हीं में से एक है माँ ज्वाला जी मंदिर, जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। यह मंदिर हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। माँ ज्वाला…

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24, Sep 2025
माँ कूष्माण्डा – सृष्टि की आदिशक्ति

नवरात्रि के चौथे दिन की आराध्य देवी हैं माँ कूष्माण्डा। उनके नाम का अर्थ है – कु यानी छोटा, उष्मा यानी ऊर्जा और अंड यानी ब्रह्मांड। माना जाता है कि माँ कूष्माण्डा ने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए उन्हें सृष्टि की जननी कहा जाता…

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23, Sep 2025
SHIMLA : A Complete Travel Guide to the Queen of Hills

Shimla, the capital of Himachal Pradesh, is one of the most famous hill stations in India. Known as the Queen of Hills, Shimla attracts thousands of tourists every year with its pleasant climate, snow-clad mountains, and colonial architecture. Nestled at an altitude of 2,200 meters, Shimla is a perfect destination…

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23, Sep 2025
नवरात्रि का तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा की पूजा, महत्व और कथा

नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित होता है। माँ दुर्गा का यह तीसरा स्वरूप शक्ति, साहस और शांति का प्रतीक माना जाता है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है, जिसके कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से भक्त के जीवन में साहस,…

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22, Sep 2025
माता ब्रह्मचारिणी: तप और त्याग की प्रतिमूर्ति

मां ब्रह्मचारिणी देवी को शक्ति स्वरूपा का दूसरा रूप माना जाता है। यह माता हमें तप, त्याग, और ज्ञान की सीख देती हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में संयम, धैर्य और आध्यात्मिक शक्ति आती है। माता ब्रह्मचारिणी का इतिहास मां ब्रह्मचारिणी को देवी पार्वती का रूप माना जाता है। उन्होंने…

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22, Sep 2025
माँ नैना देवी मंदिर – आस्था और श्रद्धा का पवित्र शक्तिपीठ जहां गिरे थे माता सती के नयन

माँ नैना देवी मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले में स्थित यह मंदिर न केवल भक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक अद्भुत धार्मिक व पर्यटन स्थल है। हर साल लाखों श्रद्धालु माँ के दर्शन करने यहाँ…

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22, Sep 2025
तारा देवी मंदिर शिमला – माँ तारा का पावन धाम

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं धरोहरों में से एक है तारा देवी मंदिर, जो समुद्र तल से लगभग 1851 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह मंदिर माता तारा देवी को समर्पित है और शिमला आने वाले श्रद्धालुओं और…

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21, Sep 2025
माता शैलपुत्री: आइए जानते हैं कौन है मां शैलपुत्री? क्यों नवरात्रों का पहला दिन इन्हीं को समर्पित है? क्या फायदा है इनकी आराधना करने का ? क्या है इनकी पूजा विधि? कैसे करे मां को प्रसन्न??

नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। शैलपुत्री को दुर्गा माँ का प्रथम स्वरूप माना जाता है। इनका नाम “शैलपुत्री” इसलिए पड़ा क्योंकि ये पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। ‘शैल’ का अर्थ होता है पर्वत और ‘पुत्री’ का अर्थ है बेटी। माता शैलपुत्री की उत्पत्ति कथा…

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21, Sep 2025
नवरात्रि का पहला दिन: नौ दिनों के उत्सव की शुरुआत

नवरात्रि भारत का एक सबसे जीवंत और शुभ त्योहार है, जो दुर्गा माता की शक्ति और देवी के विभिन्न रूपों का उत्सव मनाता है। यह त्योहार नौ रातों और दस दिनों तक चलता है, और हर दिन देवी के अलग रूप को समर्पित होता है। नवरात्रि का पहला दिन विशेष…